23 दिन से रची जा रही मौत कि” सुसाइड प्लान “का खुलासा

0

23 दिन से रची जा रही मौत कि” सुसाइड प्लान “का खुलासा

23 दिन से रची जा रही मौत कि" सुसाइड प्लान "का खुलासा

सुसाइड नोट के साथ हलफनामा बरामद जिसमें संपत्ति साले को देने की बात

वाराणसी। आदमपुर थाना क्षेत्र के नचनी कुंआ (मुकीमगंज) में शुक्रवार की सुबह सामूहिक सुसाइड की घटना ने हड़कंप मचा कर रख दिया। दरअसल घटना में कई चौंकाने वाले खुलासे भी सामने आई हैं।
पेशे से व्यापारी चेतन तुलस्यान, उनकी पत्नी और दोनों बच्चे तकरीबन 23 दिन से अपनी मौत की तैयारी कर रहे थे। बेटे-बेटी ने सुसाइड नोट में लिखा था कि हमें नींद की दवा खिलाकर सुला देना पापा, इसके बाद हमारा गला दबा देना…। बरामद सुसाइड नोट के अलावा एक हलफनामा भी मिला है जिसे फोरेंसिक जांच टीम ने अपने कब्जे में लिया है।

व्यापार में घाटे और कर्ज के दबाव में पंखा कारोबारी का परिवार बराबर तनाव में रहता था,लेकिन घर के बाहर यह परिवार अपने इस तनाव को किसी के सामने जाहिर होने नहीं देते थे। बाहर से परिवार बहुत खुशहाल दिखता था, लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। शुक्रवार की सुबह जब चेतन ने डॉयल 112 पर फोन कर पुलिस को सूचना दी कि वह परिवार के साथ खुदकुशी करने जा रहे हैं, तो पुलिसकर्मी पलट कर फोन मिलाने लगे तो कॉल रिसीव नहीं हुई। बहुत मुश्किल से खोजते हुई पुलिस चेतन के घर पहुंची थी। दंपती और दो बच्चों की मौत की सूचना मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। थोड़ी ही देर में आईजी रेंज विजय सिंह मीणा, एसएसपी प्रभाकर चौधरी और एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक विभाग की टीम भी पहुंची।

सुसाइड नोट के साथ हलफनामा बरामद जिसमें संपत्ति साले को देने की बात

कमरे से पुलिस को 12 पेज का सुसाइड नोट मिला है। इसे कारोबारी की पत्नी ने लिखा था। पुलिस के मुताबिक, सुसाइड नोट में कारोबार में घाटे के चलते आर्थिक तंगी और अपने दिल का दर्द बयां करने के साथ रितु ने लिखा है कि 20 साल पहले जब वह शादी करके गोरखपुर से वाराणसी आई तो लगा कि खुशहाल परिवार में शादी हो रही है। ससुराल आने के बाद पता चला कि पति को कम दिखने की लाइलाज बीमारी है। परिवार के सदस्यों का भी, जिस तरह सहयोग मिलना चाहिए था, कभी नहीं मिला। सास-श्वसुर का कभी भावनात्मक लगाव या प्यार नहीं मिला। आगे आर्थिक हालात बयां करती बातें लिखी गई थीं। सुसाइड नोट में बेटे-बेटी के हवाले से लिखा है कि ‘हमें नींद की दवा खिलाकर सुला देना पापा, इसके बाद गला दबा देना।’

एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि मौके से मिले सुसाइड नोट और दवाएं आदि देखकर प्रतीत होता है कि पूरी तैयारी और आपसी सहमति से परिवार ने जान दी। सुसाइड नोट के साथ स्टैंप पेपर पर लिखा हलफनामा भी मिला है। इसे पिछले महीने 22 जनवरी को बनवाया गया था। इस पर चेतन तुलस्यान की तरफ से लिखा है कि मरने के बाद उनकी पूरी संपत्ति गोरखपुर में रहने वाले साले को दे दी जाए। उन्होंने कई बार हमारी आर्थिक मदद की है, वह भले आदमी हैं। हलफनामा से साफ है कि कारोबारी और उनका परिवार 23 दिन पहले से मौत की तैयारी कर रहा था।

Leave A Reply

Your email address will not be published.