मिर्जापुर : आजादी को हो गए इतने साल फिर भी पानी ,बिजली और सड़क के लिए तरस रहा मिर्जापुर का ये कस्बा

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आजादी को हो गए इतने साल फिर भी पानी ,बिजली और सड़क के लिए तरस रहा मिर्जापुर का ये कस्बाआजादी को हो गए इतने साल फिर भी पानी ,बिजली और सड़क के लिए। तरस रहा मिर्जापुर का ये कस्बा

मिर्जापुर। गँजिया ऩई बस्ती क्षेत्र जो की मिर्जापुर के विंध्यांचल नगर पालिका क्षेत्र में आता है इस क्षेत्र में आज तक नहीं हो पाई है पानी की व्यवस्था , कस्बे में कुल 60 परिवार है जिसमें की लगभग 300 लोग निवास करते हैं।

जिन्हे आए दिन पानी , बिजली और सड़क की समस्या से जूझना पड़ता है आश्चर्य की बात यह रही की यह कस्बा नगर पालिका क्षेत्र का होते हुए विंध्यांचल माता मंदिर से सटा हुआ है।

जहाँ प्रत्येक दिन हजारो श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है सवाल उठता है कि जहाँ एक तरफ भाजपा स्वच्छ भारत मिशन की चहुंओर ढंका बजा रही है।

वहीं दुसरी तरफ सड़क , बिजली और पानी के लिए तरसते हुए कस्बे के लोगो को देखकर कहीं न कहीं योजनाओं पर सवाल उठता है ।

बिजली और सड़क के लिए तरस रहा मिर्जापुर का ये कस्बा वीडियो जरूर देखे

अधिकारयों की राह देखता रहता है ये क़स्बा

जब एटीआई न्यूज़ के रिपोर्टर ने कस्बे में जाकर वहाँ का हाल जानने की कोशिश की तो वहाँ के लोगों ने बताया की असुविधाओं का ऐसा काफिला है,

कि वहां के लोगों को बस इतना ही पानी मिल पाता है जितने में उनकी प्यास बुझ सके और खाना बनाया जा सके , नहाने के लिए वहाँ के लोग नदी का सहारा लेते हैं। जिनमें की क़ई हादसों का शिकार भी हो चुके हैं।

कस्बे के कई बच्चे नदी में नहाने के कारण डूब ग़ए हैं। बिजली का भी वही हाल है लोग साल भर से इस फिराक में रहते हैं की कोई बिजली विभाग के अधिकारी आवें तो वे कनेक्सन और बिजली व्यवस्था का हाल जान सकें।

बारिस के मौसम में सड़कों पर घुटने तक पानी लग जाता है ऐसी परीस्थितियों पर भी कस्बे का कोई हाल खबर लेने वाला नहीं है।

सरकार हर सम्भव गाँवों /कस्बों के विकास के लिए ढेरों योजनाएँ लाती है लेकिन छोटे तबके के अधिकारीयों के लापरवाही के कारण लोग ऐसी जिंदगी जीने को मज़बूर हैं।

शुभम पाण्डेय
मिर्जापुर

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