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जिसने योगी आदित्यनाथ पर किया था फर्जी केस, उस परवेज को हुई उम्रकैद…

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जिसने योगी आदित्यनाथ पर किया था फर्जी केस, उस परवेज को हुई उम्रकैद…

 

राधा सिंह। 30/07/2020

 

परवेज को हुई उम्रकैद
Photo Google

 

बीजेपी के फायर ब्रांड नेता और देश के सबसे बड़े सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ को गलत केस में फंसाने की कोशिश करने वाले लोग अब खुद ही फंसते नज़र आ रहे हैं। क्योंकि जिन्होंने 2007 में सीएम योगी को फंसाने का जाल बिछाया था, अब वो इतने बुरे फंसे हैं कि शायद ही कभी भूल पाएं, जी हां गोरखपुर की अदालत ने एक एक्टिविस्ट परवेज परवाज और महमूद उर्फ जुम्मन बाबा को ‘गरीब और असहाय महिला’ को रमज़ान के दौरान झाड़-फूक के नाम पर अलग-अलग जगह पर ले जाकर उसका बलात्कार करने के आरोप में दोषी ठहराते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई है. इसके साथ ही, दोनों दोषियों पर 25-25 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है।

 

 

 

बता दें कि साल 2007 में सांसद रहे योगी आदित्यनाथ पर फर्जी एफआईआर दर्ज कराने के बाद परवेज परवाज़ चर्चा में आए थे। अब वो फिर से चर्चा में हैं मगर इस बार वो गलत कामों को लेकर चर्चाओं में हैं। परवेज परवाज को सितंबर 2018 में गिरफ्तार किया गया था। करीब दो साल से वो जेल में है। एक स्थानीय महिला ने परवेज और महमूद उर्फ़ जुम्मन बाबा पर आरोप लगाया था कि दोनों ने उनकी पारिवारिक समस्याओं को सुलझाने में मदद करने के बहाने 3 जून की देर रात पांडेयहाता इलाके के पास एक अलग जगह पर उसे बहला-फुसलाकर ले गए थे।

 

 

 

4 जून, 2018 को राजघाट पुलिस स्टेशन में दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक महिला ने दावा किया था कि वो एक स्थानीय मजहबी जगह पर मुस्लिमों के झाड़-फूंक वाले महमूद के संपर्क में तब आई थी, जब वो अपने पति का वशीकरण करवाने के लिए मगहर मजार गई थी।

 

 

 

पीड़िता ने कहा था कि उसका अपने पति से मनमुटाव चल रहा था। अपने पति को वश में करने के लिए वो मगहर मस्जिद झाड़-फूक कराने जाती थी, जहां उसकी मुलाकात आरोपी महमूद उर्फ़ जुम्मन बाबा से हुई। 3 जून, 2018 को 10.30 बजे आरोपी जुम्मन बाबा ने मस्जिद में दुआ करने के बहाने पीड़िता को पांडेयहाता स्थित अपनी दुकान के पास बुलाया। जब वो पहुंची तो आरोपी रिवाल्वर सटा कर सुनसान स्थान पर ले गए और उसके साथ दुष्कार्म किया। इस मामले में केस दर्ज कर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामला कोर्ट में विचाराधीन था जिस पर कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर फैसला सुनाया है।

 

 

परवेज ने साल 2007 में योगी आदित्यनाथ और 11 अन्य लोगों पर धार्मिक उन्माद फैलाने के आरोप में केस दर्ज कराया था। लेकिन, सबूत के तौर पर कोर्ट में जो डीवीडी पेश की गई थी, उसकी जांच में पाया गया था कि उसमें छेड़छाड़ की गई थी। ये फर्जीवाड़ा पकड़े जाने के बाद इस मामले में भी कोर्ट के आदेश पर परवेज परवाज के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। मगर अब कोर्ट ने उसे दुष्कर्म के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

 

 

 

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