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जानें- सीएम योगी ने पीएम मोदी को राम की यही मूर्ति क्यों की भेंट?

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जानें- सीएम योगी ने पीएम मोदी को राम की यही मूर्ति क्यों की भेंट?

 

राधा सिंह। 06/08/2020

 

 

तीन फीट की ये प्रतिमा, जो एक पीस लकड़ी से बनी है।

 

तीन फीट की ये प्रतिमा, जो एक पीस लकड़ी से बनी है।
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राम जन्मभूमि पूजन उत्सव के साथ अयोध्या में भगवान श्री राम का भव्य, दिव्य और अलौकिक मंदिर बनने का काम शुरु हो चुका है। आने वाले कुछ ही वर्षो में यहां पर एक विशाल और गगनचुंबी राम मंदिर बनकर तैयार होगा, जिसे देखने के लिए देश दुनिया से राम भक्त अयोध्या पहुंचेंगे। लेकिन कल का आयोजन कई मायनों में बेहद खास रहा। प्रधानमंत्री मोदी राम लला को सामने साष्टांग दंडवत किया, जिसकी चर्चा चारों ओर रही। वे मंच के सामने आसानी संतों के सामने भी नतमस्तक हुए और उन्हें प्रणाम किया और पीएम मोदी अयोध्या धाम की मिट्टी की माथे से लगाकर विश्व को संदेश भी दिया। अयोध्या की मिट्टी का महत्व क्या है।

 

 

 

रामलला के सामने साष्टांग दंडवत पीएम मोदी

 

रामलला के सामने साष्टांग दंडवत पीएम मोदी
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लेकिन इस आयोजन ने दो और ख़ास चीज़ें हुई। पहली तो ये कि पीएम मोदी ने भूमि पूजन कार्यक्रम के बाद ने एक डाक टिकट भी जारी किया, जो श्रीराम से जुड़ा देश का 12वां डाक टिकट है। भूमि पूजन पर जारी हुए इस डाक टिकट पर राम मंदिर के मॉडल को उकेरा गया है. यूपी सरकार की ओर से तैयार करवाए गए इस डाक टिकट की एक प्रति की कीमत पांच रुपए होगी।

 

 

राम मंदिर पर जारी डाक टिकट।

 

राम मंदिर पर जारी डाक टिकट।
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इसके अलावा इस शुभ अवसर पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने पीएम मोदी को भगवान राम की एक मूर्ति भी भेंट की। लेकिन ये कोई सामान्य मूर्ति नहीं है. जिस मूर्ति को सीएम योगी ने पीएम मोदी को भेंट किया वो कोदंड राम की एक काष्ठ से बनी प्रतिमा है। इस मूर्ति की ऊंचाई तीन फिट है। इसे लड़की के एक ही पीस से बनाया गया है। इस मूर्ति को बेंगलुरु के काष्ठ शिल्पी राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त एम रामामूर्ति ने तैयार किया है।

 

 

 

पीएम को भेंट की कोंदड राम की प्रतिमा

 

सीएम योगी ने इस प्रतिमा को पीएम मोदी को भेंट कर अयोध्या का दक्षिण की संस्कृति से जुड़ाव का संदेश दिया है। दरअसल कथाओं के मुताबिक, सीता विवाह के समय भगवान परशुराम ने श्रीराम को कोदंड धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाने को कहा था। ये धनुष भगवान विष्णु ने परशुराम को दिया था। कहा जाता है कि कोदंड की प्रत्यंचा चढ़ाने से ही परशुराम पहचान गए कि श्रीराम ही विष्णु के अवतार हैं। दक्षिण में 100 से अधिक विशाल कोदंड राम मंदिर हैं।

 

चिकमंगलूर में स्थितो कोदंड राम का मंदिर

 

चिकमंगलूर में स्थितो कोदंड राम का मंदिर
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कड़प्पा, चिकमंगलूर और भद्राचलम में भव्य और दिव्य कोदंड राम मंदिर आकर्षण के केंद्र हैं। दक्षिण में प्रभु राम कोदंड राम के रूप में ही पूजित है। मान्यता है कि, भगवान श्रीराम ने पत्नी सीता की रक्षा के लिए कोदंड धनुष उठाया था, इसलिए दक्षिण भारत में भगवान श्रीराम को स्त्री रक्षक के रूप में माना जाता है और राम के कोदंड रूप की पूजा की जाती है। ऐसे में इस प्रतिमा का चयन उत्तर दक्षिण के समन्वय के रूप में किया गया है।

 

 

 

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अयोध्या शोध संस्थान में लगी कोदंड राम की मूर्ति

 

आपको बता दें, कि तीन फीट की ये प्रतिमा, जो एक पीस लकड़ी से बनी है. इसमें बहुत बारीक काम चारों ओर किया गया है। इसको तैयार करने मे 4 महीने लगातार काम किया गया है। अयोध्या शोध संस्थान में पिछले साल सीएम योगी आदित्यनाथ ने कोदंड राम की 7 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया था। इसकी कीमत 35 लाख रुपए है। शोध संस्थान के हाल में स्थापित ये खूबसूरत काष्ठ प्रतिमा पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। और पीएम मोदी को भी यही प्रतिमा भेंट कर सीएम योगी ने सबके राम, सबमें राम के संदेश को भी दिया है।

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