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भारत की रफ्तार

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किसी देश की तरक्की और उन्नति इस बात पर निर्भर करती है उस देश के किसान कितनी मेहनत से अनाज उगा रहे हैं और उसको खाने वाले लोग कितनी मेहनत से अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे हैं ।मैं संकेत करना चाहता हूं कि उस देश में वैज्ञानिक और वैज्ञानिक शोध कितनी तेजी से आगे बढ़ रहा है। वर्तमान परिदृश्य में हर क्षेत्र में नवाचार की अपेक्षा एवं उसकी आपूर्ति ही अग्रणी बनाती है। एक समय था जब भारत के पास अनाज नहीं था एक समय था जब भारत के पास सीमा पर रक्षा करने के लिए पर्याप्त हथियार नहीं थे, परंतु इस बात को सुनकर आप अवश्य में आज से चकित हो जाएंगे की भारत के द्वारा निर्मित आकाश मिसाइल प्रणाली को खरीदने के लिए लगभग विश्व के दर्जन देशों ने अपनी रुचि दिखाई है यह भारत के बढ़ते हुए कदम के प्रति प्रतीक हैं।

केंद्र सरकार ने हाल ही में आकाश मिसाइल प्रणाली के निर्यात को मंजूरी दे दी है। रक्षा मंत्रालय की माने तो यह मिसाइल भारत अब निर्यात करेगा इससे वैश्विक बाजारों में भारत का दबदबा तो बनेगा ही साथ ही साथ भारत की अर्थव्यवस्था में भी खासा सुधार होगा ।यह मिसाइल सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल है इसकी मारक क्षमता 25 किलोमीटर है और यह अत्यंत तेजी के साथ कार्य करती है। यदि भारत के विकास के अन्य क्षेत्रों पर नजर डाले तो विश्व के जहां गिने-चुने देश कोविड-19 को बनाने के लिए प्रयासरत थे उनमें सफलता प्राप्त करने का जो श्रेय भारत को प्राप्त हुआ है सचमुच यह अकल्पनीय है।

हमें अपने देश के वैज्ञानिकों के ऊपर गर्व है कि जिस तेजी के साथ उन्होंने इसका निदान ढूंढा है भारत के रफ्तार का आप प्रतीक है। भारत आकाश मिसाइल प्रणाली को अपने कुल मित्र देशों को निर्यात करेगा जिन पर चीन जैसे देश अपने दादागिरी दिखाते है। भारत और रूस के परस्पर सहयोग द्वारा विकसित ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम को भी खरीदने के लिए कई देशों ने रुचि दिखाई है।

इस सिस्टम को खरीदने के लिए विश्व की लगभग 15 से 20 देशों ने अपनी रूचि दिखाई है जिनमें इंडोनेशिया ,दक्षिण अफ्रीका चिल्ली, ब्राजील ,वियतनाम फिलीपींस, मलेशिया आदि हैं।दुनिया में सबसे तेज गति वाली मिसाइलों में यदि देखें तो इसका कोई जवाब नहीं है ना तो यह रडार की पकड़ में आती है और ना ही लक्ष्य के बीच में से कोई पकड़ सकता है। अतः यह लक्ष्य भेदने में तनिक भी देर और कोर कसर नहीं छोड़ती है। इसकी गति ध्वनि की 3 गुनी है। सूत्रों की मानें तो भारत के रक्षा निर्यात का मकसद मित्र राष्ट्रों के साथ अपने रणनीतिक संबंधों को बेहतर बनाना है।


लेखक : रवीन्द्र कुमार तिवारी(लहर)

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