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पुणे से दिल्ली पहुंची कोरोना वैक्सीन की पहली खेप, रवाना होने से पहले टीकों की हुई पूजा

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पिछले एक साल से कोरोना वायरस महामारी से पूरी दुनिया जूझ रही है। इससे निजात पाने के लिए कई देशों ने वैक्सीन बना ली है तो कई राष्ट्रों में वैक्सिनेशन शुरू हो गया है।भारत भी इस दौड़ में किसी से पीछे नहीं है। देश में दो कोरोना वैक्सीन को मंजूरी मिल चुकी है।इसमें भारत की कोवैक्सीन और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित एस्ट्रेजेनेका-ऑक्सफोर्ड की कोविशील्ड वैक्सीन शामिल है। देश में 16 जनवरी से कोरोना के टीके लगने शरू हो रहे हैं। वैक्सिनेशन के पहले चरण में 3 करोड़ स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंटलाइनर्स को टीका लगेगा। अब पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट से कोविशील्ड वैक्सीन की पहली खेप दिल्ली पहुंच गई है। टीकों को इंस्टीट्यूट से रवाना करने से पहले सीरम इंस्टीट्यूट के अधिकारियों ने वैक्सीन की बाकायदा पूजा की।

अब इस पूजा पर भी सवाल उठ सकते हैं, क्योंकि पहले भी खास मौकों पर जब भारतीय विधि विधान से पूजा की गई तो देश के एक तबके ने इस पर सवाल खड़े किए,आपको याद होगा कि रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने जब शस्त्र पूजन दिवस के मौके पर फ्रांस में भारतीय राफेल फाइटर जेट की पूजा की तो देश के वामपंथियों ने सवाल खड़े किए थे। इसके बाद नए संसद भवन की आधार शिला रखने के मौके पर जब प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने भारतीय पूजन पद्धति से पूजा की तो फिर यही लोग सामने आए और सनातन पूजापाठ का विरोध किया।

तर्क दिया कि सर्वधर्म पूजा होनी चाहिए थी। अब जब कोरोना टीकाकरण से पहले वैक्सीन की पूजा की गई है तो फिर से ये वामपंथी लोग इसके विरोध में आवाज उठाएंगे। क्योंकि इनका काम ही यही है।वामपंथी विचारधाराओं से भरे ये लोग सिर्फ सनातन धर्म की आलोचना के लिए मौक तलाशते रहते हैं।हिन्दू देवी देवताओं के अपमान करने में ये लोग सबसे आगे रहते हैं। इन्हें ये नहीं समझ में आता है कि इस देश की आधारशिला ही सनातन है। सिर्फ विचार बदल लेने से आधारशिला नहीं बदल जाती।

आपको बता दें कि महाराष्ट्र के पुणे हवाई अड्डे से वैक्सीन की पहली खेप दिल्ली पहुंच गई है। टीकों को इंस्टीट्यूट से रवाना करने से पहले एक पूजा भी की गई थी। बताया गया है कि तापमान नियंत्रित तीन ट्रक इन टीकों को लेकर सुबह जल्दी पांच बजे से कुछ समय पहले पुणे हवाईअड्डे के लिए सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से रवाना हुए।

पुणे हवाईअड्डे से इन टीकों को हवाई मार्ग के जरिये भारत के दूसरे हिस्सों में पहुंचाया जाएगा।ट्रक में 478 डिब्बे थे और प्रत्येक डिब्बे का वजन 32 किलोग्राम है। महामारी से परेशान देश के लिए वैक्सीन किसी वरदान से कम नहीं है, ऐसे में उसकी सिक्योरिटी भी तगड़ी थी।वैक्सीन लोडेड ट्रक्स की सिक्योरिटी किसी जेड प्लस सुरक्षा से कम नहीं दिखी. ट्रक्स के आगे और पीछे पुलिस की गाड़ियां मौजूद थीं।

बता दें कि पुणे से रवाना हुए टीकों को जिन स्थानों पर ले जाया जाएगा, उनमें दिल्ली, अहमदाबाद, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, करनाल, हैदराबाद, विजयवाड़ा, गुवाहाटी, लखनऊ, चंडीगढ़ और भुवनेश्वर शामिल हैं।वहीं मुम्बई के लिए टीके सड़क मार्ग से रवाना किए जाएंगे।

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