यदि फ़ोन कर शोर की शिकायत पुलिस को न दी जाती तो अवैध हथियारों की फैक्ट्री का कोई अंदाज़ा तक नहीं लगा पाता

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नई दिल्ली। दिल्ली (Delhi) के गाज़ियाबाद (Ghaziabad) से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसको देखकर आम इंसान तो क्या खुद पुलिस (police) भी अचंभे में पड़ गई। दरअसल, पुलिस ने घर के अंदर तहखाने (basement) में बनी एक ऐसी फैक्ट्री का पता लगाया है जहाँ अवैध रुप (illegally) से हथियारों (weapons) को बनाने का काम किया जा रहा था। फैक्ट्री (factory) को इस तरीके से बनाया गया था कि कोई सोच भी नहीं सकता था कि कमरे के अंदर अवैध हथियार (illegal weapons) भी बनाए जा रहे होंगे।

पुलिस ने मौके से 25 पिस्तौल (pistol) बरामद (found) करके पाँच लोगों को गिरफ़्तार (arrest) किया है। अवैध हथियारों की यह फैक्ट्री गाज़ियाबाद के मुरादनगर (Muradnagar) में चल रही थी। पुलिस ने यहाँ छापा मारकर (Raid) पिस्तौलों के अलावा बैरल (barrel), डेढ़ लाख रुपए, कारतूस (cartridges), पिस्तौल बनाने का सामान आदि बरामद किया है। इस गिरोह (gang) का मास्टरमाइंड (mastermind) मेरठ (Meerut) का रहने वाला है जो कि मौके से फ़रार (absconding) हो गया है। पुलिस ने उसकी पत्नी को गिरफ़्तार (arrest) कर लिया है।

पुलिस के मुताबिक कुछ समय पहले से ही यहाँ पर अवैध पिस्टल बनाने का कारखाना (factory) चलाया जा रहा था। हथियार कितने लोगों को अब तक सप्लाई (supply) किए गए, इसकी जाँच की जा रही है। पुलिस को सबसे ज़्यादा हैरानी तहखाना देखकर हुई। दरअसल, पुलिस भी यहाँ तक ना पहुँचती अगर किसी ने पुलिस को फ़ोन करके ये शिकायत (complaint) न की होती कि कबाड़ के गोदाम (junk warehouse) के साथ बने मकान से रात में आवाजें आती हैं। इस शिकायत की जाँच (investigation) करने पुलिस घर के अंदर पहुँची, तभी पुलिस को दरवाज़े के पीछे एक और दरवाज़ा मिला।

यह पुलिस को थोड़ा नया लगा, क्योंकि कमरे में एक तरफ़ अलग से बाथरूम बना था। एक बाथरूम बाहर भी बना था। बाकी के कमरे, रसोई भी बाहर थी। फ़िर आखिर कमरे के अंदर एक और कमरा बनाने का क्या मतलब था ?? तो इस तरह से अवैध हथियारों का तहखाना पकड़ा गया मगर इसके सरगना (kingpin) की पुलिस तहकीकात (investigation) करने में जुटी हुई है और जल्द ही मुख्य आरोपी (Charged) भी पुलिस की हिरासत (custody) में होगा।

नई दिल्ली। दिल्ली (Delhi) के गाज़ियाबाद (Ghaziabad) से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसको देखकर आम इंसान तो क्या खुद पुलिस (police) भी अचंभे में पड़ गई। दरअसल, पुलिस ने घर के अंदर तहखाने (basement) में बनी एक ऐसी फैक्ट्री का पता लगाया है जहाँ अवैध रुप (illegally) से हथियारों (weapons) को बनाने का काम किया जा रहा था। फैक्ट्री (factory) को इस तरीके से बनाया गया था कि कोई सोच भी नहीं सकता था कि कमरे के अंदर अवैध हथियार (illegal weapons) भी बनाए जा रहे होंगे।

पुलिस ने मौके से 25 पिस्तौल (pistol) बरामद (found) करके पाँच लोगों को गिरफ़्तार (arrest) किया है। अवैध हथियारों की यह फैक्ट्री गाज़ियाबाद के मुरादनगर (Muradnagar) में चल रही थी। पुलिस ने यहाँ छापा मारकर (Raid) पिस्तौलों के अलावा बैरल (barrel), डेढ़ लाख रुपए, कारतूस (cartridges), पिस्तौल बनाने का सामान आदि बरामद किया है। इस गिरोह (gang) का मास्टरमाइंड (mastermind) मेरठ (Meerut) का रहने वाला है जो कि मौके से फ़रार (absconding) हो गया है। पुलिस ने उसकी पत्नी को गिरफ़्तार (arrest) कर लिया है।

पुलिस के मुताबिक कुछ समय पहले से ही यहाँ पर अवैध पिस्टल बनाने का कारखाना (factory) चलाया जा रहा था। हथियार कितने लोगों को अब तक सप्लाई (supply) किए गए, इसकी जाँच की जा रही है। पुलिस को सबसे ज़्यादा हैरानी तहखाना देखकर हुई। दरअसल, पुलिस भी यहाँ तक ना पहुँचती अगर किसी ने पुलिस को फ़ोन करके ये शिकायत (complaint) न की होती कि कबाड़ के गोदाम (junk warehouse) के साथ बने मकान से रात में आवाजें आती हैं। इस शिकायत की जाँच (investigation) करने पुलिस घर के अंदर पहुँची, तभी पुलिस को दरवाज़े के पीछे एक और दरवाज़ा मिला।

यह पुलिस को थोड़ा नया लगा, क्योंकि कमरे में एक तरफ़ अलग से बाथरूम बना था। एक बाथरूम बाहर भी बना था। बाकी के कमरे, रसोई भी बाहर थी। फ़िर आखिर कमरे के अंदर एक और कमरा बनाने का क्या मतलब था ?? तो इस तरह से अवैध हथियारों का तहखाना पकड़ा गया मगर इसके सरगना (kingpin) की पुलिस तहकीकात (investigation) करने में जुटी हुई है और जल्द ही मुख्य आरोपी (Charged) भी पुलिस की हिरासत (custody) में होगा।

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