बंदर के काटने पर सरकारी अस्पताल पहुँची महिला को नहीं मिला एंटी रेबीज़ का इंजेक्शन, मौत

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उत्तर प्रदेश। सरकार (Government) भले ही चिकित्सा सुविधा (medical facility) अच्छे होने के लाख दावे (claims) करे, लेकिन वास्तविकता (reality) कुछ और ही है। सरकारी अस्पतालों (government hospitals) में एंटी रेबीज़ (anti-rabies) के इंजेक्शनों (injections) की लगातार कमी (shortage) चल रही है।

बंदर (monkey) के काटने (bitten) पर एक महिला को एंटी रेबीज़ का इंजेक्शन नहीं मिला और महिला (lady) की 15 दिन बाद मौत (death) हो गई। 28 अगस्त को फिरोज़पुर (Firozpur) निवासी 50 वर्षीय महिला शिमला पत्नी सोमपाल को गाँव (village) में ही एक बंदर ने काट लिया था।

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शिमला के परिजन उसे लेकर अस्पताल (hospital) पहुँचे थे। जहाँ पर उन्हें कहा गया कि यहाँ एंटी रेबीज़ इंजेक्शन उपलब्ध (available) नहीं है। शिमला के परिजन उसे वापस (return) गाँव (village) लेकर आ गए। बताया जाता है कि शिमला को रेबीज़ की बीमारी (rabies disease) हो गई, जिसके चलते उसकी सोमवार की सुबह मौत हो गई। ग्रामीणों (villagers) ने माँग (Demand) की है कि या तो रेबीज़ के इंजेक्शन उपलब्ध कराए जाएँ या फिर बंदरों को पकड़कर जंगल (jungle) में छोड़ा जाए।

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