योगी सरकार का बड़ा फैसला: महाराजगंज जिले के आठ गाँवों को जल्द ही कुशीनगर में किया जाएगा शामिल

0

उत्तर प्रदेश। यूपी (UP) में कुशीनगर (Kushinagar) के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) (Bhartiya Janata Party, BJP) विधायक जटाशंकर तिवारी (MLA Jatashankar Tiwari) की पहल (Initiative) पर महराजगंज जिले (Maharajganj district) के दुर्गम क्षेत्र (inaccessible area) में स्थित आठ गाँवों (villages) को जल्द ही कुशीनगर में शामिल (include) किया जाएगा।

इम्प्रूवमेंट एग्ज़ाम देकर स्टूडेंट्स ने आज़माई अपनी किस्मत, सभी विषयों में लगभग 21 अंक का हुआ इज़ाफ़ा

गंडक नदी (Gandak river) के उस पार के महराजगंज जिले के आठ ऐसे गाँव हैं, जहाँ के ग्रामीणों (villagers) को अपनी ही तहसील (Tehsil) या जिला मुख्यालय (district headquarters) जाने में दुर्गम रास्तों से 70-80 किलोमीटर (kilometer) दूरी तय करनी पड़ती है। इन गाँवों की करीब 20 हजार आबादी (population) के लिए ढंग (suitable) रास्ते (paths) नहीं है। उन्हें बिहार (Bihar) और कुशीनगर के खड्डा तहसील क्षेत्र (Khadda tehsil area) से होकर अपने तहसील या जिला मुख्यालय आना-जाना पड़ता है। इन गाँवों के लोग बाढ़ से भी जूझते (fed up due to floods) हैं।

राहत की ख़बर: अब किसानों के बिजली बिल पर लगे ब्याज को माफ़ करेगी योगी सरकार

ग्रामीणों की समस्या (problems) के बारे में खड्डा विधायक जटाशंकर त्रिपाठी ने शासन-प्रशासन (Government-administration) को अवगत (Aware) कराया। उन्होंने इन गाँवों को खड्डा तहसील में शामिल कराने की माँग (demand) की है। उनकी इस पहल की संस्तुति (recommendation) करते हुए जिलाधिकारी (District Megistrate) ने आयुक्त (commissioner) एवं सचिव (Secretary), राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश शासन (Revenue Council Government of Uttar Pradesh) को पत्र (letter) भेजा है।

जिस एक्सप्रेस-वे का अभी पीएम मोदी द्वारा किया जाना था उद्घाटन, वहीं से होकर गुज़र गया पूर्व सीएम अखिलेश यादव का काफ़िला

खड्डा विधानसभा क्षेत्र के खड्डा तहसील के राजस्व ग्राम शिवपुर (Shivpur), मरचहवा (Marchahava), नरायनपुर (Narayanpur), हरिहरपुर (Hariharpur) और बसंतपुर (Basantpur) गंडक नदी के उस पार रेता क्षेत्र (Reta area) में स्थित (Located) हैं। इन गाँवों से सटे (adjacent) महराजगंज जिले के निचलौल तहसील क्षेत्र (Nichlaula tehsil area) के सोहगीबरवाँ (Sohgibarwan), कपरधिक्का (Kapardhikka), नरसिंहपुर (Narsinghpur), शिकारपुर (Shikarpur), बकुलहिया (Bakulahia), खुटहवाँ (Khutahwan), बनसप्ती (Bansapti) एवं भौतहाँ (Bhautahan) स्थित हैं।

23 साल के गूगल ने कैसे कर दिया कमाल…..

यह सभी राजस्व गाँव जिला और तहसील मुख्यालय से काफी दूर (far enough away) होने के साथ वहाँ तक पहुँचने में भौगोलिक रूप (geographical form) से रास्ता अत्यंत ही दुर्गम (very inaccessible) और जटिल (Complex) है। बहरहाल (however), अब इन आठ गाँवों के लगभग 20 हजार आबादी (population) के दिन बहुरने (return day) की उम्मीद जग गई (hope arose) है। 

किशोरी से छेड़छाड़ करने के बाद उसे बचाने आए परिजनों पर भी टूट पड़ा सिरफ़िरा आशिक, मारपीट में चार घायल…..

Leave A Reply

Your email address will not be published.