पुलिस हिरासत में आने के बाद NDTV से बोलीं प्रियंका गांधी, “मैं बेगुनाह होकर हिरासत में रहूँ और गुनहगार मंत्री का बेटा बाहर…??

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उत्तर प्रदेश। किसानों (farmers) की मौत (death) के बाद लखीमपुर खीरी (Lakhimpur khiri) जा रहीं कांग्रेस महासचिव (Congress General Secretary) प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) को उत्तर प्रदेश पुलिस (Uttar Pradesh police) ने रोक दिया (slap down) और हिरासत (arrest) में लिया है।

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प्रियंका गांधी ने एनडीटीवी (NDTV) से बातचीत (Conversation) में कहा कि हमारे साथ धक्का-मुक्की (scrimmage) की गई। हमारे नेताओं (leaders) के साथ हाथापाई (mayhem) की कोशिश (try) हुई। मुझे जीप (jeep) में धकेलने (pushing) की कोशिश की गई। उन लोगों ने हमें कोई दस्तावेज (Document) भी नहीं दिखाए (shown)। कांग्रेस महासचिव ने एनडीटीवी को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू (exclusive interview) में कहा, “उन्होंने (पुलिस) (police) मुझे कोई कागजात नहीं दिखाए।

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अगर वो मुझे कोई कागजात नहीं दिखाते हैं तो मैं तो इसको अपहरण (kidnap) ही कहूंगी।” उन्होंने कहा कि मुझे बताया गया कि मुझे धारा 151 (Stream 151) के तहत इस आधार (basis) पर गिरफ्तार (arrest) किया गया कि मैं “भविष्य (future) में अपराध (crime) करने जा रही हूं.” प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार (government) केंद्रीय मंत्री (central minister) के बेटे (son) को गिरफ्तार क्यों नहीं कर रही है।

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पुलिस कहां थी जब केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष ने किसानों (farmers) पर गाड़ी चढ़ाई (car ride)। केंद्रीय मंत्री ने इस्तीफा (resign) क्यों नहीं दिया अब तक? उनके बेटे को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? उन्होंने सवाल (question) किया, “ये किस तरह के राष्ट्रवादी (nationalist) हैं? जो ऐसे कानून (law) बनाते हैं जो किसानों (farmers) को पूरी तरह से नष्ट (destroy) कर देते हैं..?

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