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समाजवादी इत्र कारोबारी पीयूष जैन की कुल संपत्ति का DGGI ने किया खुलासा, 1000 करोड़ की संपत्ति जब्त

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कन्नौज। जीएसटी विजिलेंस टीम (GST Vigilance Team) के निशाने पर आए इत्र कारोबारी पीयूष जैन के कन्नौज (Kannauj) स्थित घर पर बरामद हुई रकम की अब गिनती शुरू हो गई है। कानपुर (Kanpur) की ही तर्ज़ पर यहाँ भी एसबीआई (SBI) की टीम सोमवार की सुबह नोट गिनने वाली तीन मशीन लेकर पीयूष जैन के मकान पर पहुँची है। पीयूष जैन के घर में भी दो दिन पहले उसकी खुद की ही नोट गिनने वाली एक मशीन (note counting machine) पहले ही मिली थी।

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अब उन सभी मशीनों की मदद से नोट गिनने का काम शुरू हो चुका है। अभी तक जाँच अफ़सरों (Investigation officers) को 500 चाबियाँ मिलीं लेकिन ताले 109 ही मिले हैं। 257 करोड़ कैश, 125 किलो सोना और अरबों की संपत्ति के दस्तावेज (property’s documents) मिले हैं। डीजीजीआई (DGGI) के छापे में अभी तक करीब 1000 करोड़ रुपये की संपत्ति का खुलासा (reveal) हो चुका है।

आपको बता दें कि अभी तक पीयूष जैन की कानपुर में चार, कन्नौज में सात, मुंबई (Mumbai) में दो, दिल्ली (Delhi) में एक और दुबई (Dubai) में दो प्रॉपर्टी सामने आई हैं। इनमें लगभग सभी संपत्तियाँ सर्वाधिक पॉश इलाकों (posh areas) में खरीदी गई हैं। पीयूष जैन (Piyush Jain) के किलेनुमा घर की दीवारों को तोड़ने और जमीन की खुदाई में जाँच टीम को बड़ी सफलता मिली। यही वजह है कि दो दिन से परिसरों को लगातार तोड़ा जा रहा है।

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अब तहखाने (basement), दीवारें, चैंबर के नीचे गुप्त खजाने की खोज की जा रही है। टीम को अंदेशा (doubt) है कि दीवारों के बीच या जमीन के नीचे तिजोरियाँ हैं। टीम के सूत्रों के मुताबिक यही हाल रहा तो पूरा घर खोदना पड़ेगा। इसे देखते हुए एक्सरे मशीन मँगाई गई है। साथ ही जमीन व दीवारों के पीछे कीमती चीजें खोजने के लिए पुरातत्व विशेषज्ञों (archeology experts) की टीम की भी मदद माँगी गई है। ये टीम लखनऊ (Lucknow) से सोमवार को कन्नौज पहुँचेगी। एक गोदाम (godown) में इत्र बनाने वाला कंपाउंड मिला है।

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