यूपी की जेल में बंद हजारों कैदियों को SC ने दी खुशखबरी….
लखनऊ : सुप्रीम कोर्ट ने यूपी की जेल में बंद हजारों कैदियों की समय से पहले रिहाई का रास्ता साफ किया है। कोर्ट ने यूपी सरकार से कहा है कि वो राज्य सरकार की मौजूदा नीति के मुताबिक समय से पहले रिहाई के हकदार हो चुके सजायाफ्ता कैदियों की रिहाई के बारे में तीन महीने में फैसला ले। इनमें 26 हज़ार 734 कैदी दोषी करार दिए जा चुके है और 16 हज़ार 262 कैदी उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।
कोर्ट में दायर याचिका में आरोप लगाया गया था कि यूपी सरकार नीति के मुताबिक तय वक्त जेल की सलाखों के पीछे गुजराने वाले कैदियों की भी रिहाई नहीं कर रही है। हर जेल सुपरिटेंडेंट की ये जिम्मेदारी होगी कि वह डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विस ऑथोरिटी तक ये जानकारी उपलब्ध कराएं। डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विस ऑथोरिटी के सेकट्री इस सूचना को हर चार महीने के अंतराल पर 1 मई,1 अगस्त, 1 अक्टूबर को स्टेट लीगल सर्विस ऑथरिटी को उपलब्ध कराएंगे।
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स्टेट लीगल सर्विस ऑथोरिटी के चेयरपर्सन एक मीटिंग करेंगे। इस मीटिंग में होम सेकट्री के अलावा डीजी, जेल शामिल होंगे। राज्य सरकार दोषियों की रिहाई के बारे मे मौजूदा पॉलिसी के मुताबिक फैसला लेगी। राज्य सरकार 31 मार्च तक इस आदेश के अमल को लेकर हलफनामा दाखिल करेगी। कोर्ट ने बिहार, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश सरकार से भी उम्रकैद की सज़ा काट रहे कैदियों की जानकारी मांगी है। कोर्ट अगली बार बिहार को लेकर सुनवाई करेगा।