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बीमार फ़ैमिली मेंबर्स के लिए सोशल मीडिया का सहारा लेकर मदद माँगने वाली युवती के साथ कुछ मनचलों ने की अश्लील हरकत, लड़की ने कहा मुझे शर्म आती है देश के ऐसे नागरिकों पर

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नई दिल्ली। सोशल मीडिया ने पूरी दुनिया पर अपनी अच्छी-खासी पकड़ बना ली है और हालात कुछ ऐसे हो चुके हैं कि इसके बिना आजकल किसी का भी काम नहीं चल पा रहा है।सोशल मीडिया की पावर तो आज हर कोई जानता है और इससे कोई अनभिज्ञ नहीं है कि इसका सहारा लेकर हर कोई अपना काम बेहद आसानी से कर सकता है। मगर बहुत से ऐसे लोग भी हैं जो अपनी गंदी हरकतों के कारण सोशल मीडिया को बुरी तरह से बदनाम करके रख देते हैं। एक ऐसा ही शर्मनाक मामला सामने आया है दिल्ली से जहाँ एक महिला ने वाइस वर्ल्ड न्यूज़ के लिए आर्टिकल में लिखा कि मेरे परिवार के एक सदस्य जब कोरोना पॉजिटिव हुए तो हम उनके लिए वेंटिलेटर तलाश रहे थे।

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मैं सोशल मीडिया की ताकत में विश्वास रखती हूँ। मैंने ट्विटर पर मदद माँगी और अपना फ़ोन नंबर सोशल प्लेटफ़ॉर्म पर शेयर किया। सौभाग्य से हमें अगले 6 घंटों के अंदर वेंटीलेटर मिल गया।उन्होंने आगे लिखा कि इसके कुछ दिनों बाद हमें ए प्लस ब्लड ग्रुप प्लाज़्मा की ज़रूरत पड़ी। हमें इसके लिए डोनर्स की तलाश थी जो हमें प्लाज़्मा डोनेट कर सकें। हालांकि ये आसान नहीं था तो मैं एक बार फिर इंटरनेट की तरफ़ मदद माँगने गई।

चूँकि हमें मदद नहीं मिल पा रही थी तो मेरे कुछ दोस्तों ने लोकप्रिय सोशल मीडिया अकाउंट्स पर मेरी समस्या को शेयर कर दिया। महिला ने लिखा कि मैं उस समय थोड़ा घबराई थी कि मेरे फोन नंबर को ऐसी जगहों पर डाला जा रहा है जो बेहद प्रभावशाली हैं और इससे कई लोगों को मेरी पर्सनल जानकारी हासिल हो सकती है लेकिन उस समय मेरी सबसे बड़ी प्राथमिकता मेरे बीमार फैमिली मेंबर थे इसलिए मैंने इस बात को इग्नोर कर दिया।

बीमार फ़ैमिली मेंबर्स के लिए सोशल मीडिया का सहारा लेकर मदद माँगने वाली युवती के साथ कुछ मनचलों ने की अश्लील हरकत, लड़की ने कहा मुझे शर्म आती है देश के ऐसे नागरिकों पर

उन्होंने आगे लिखा कि लेकिन यही मुझसे गलती हो गई। मैं लगातार ब्लड बैंक्स और डोनर्स से बात कर रही थी और मुझे लगातार निराशा ही हाथ लग रही थी। इस बीच मुझे एक कॉल आया और इस शख्स ने मुझसे पूछा कि क्या आप सिंगल हैं? उसने इतना कहा और मैंने फ़ोन काट दिया। मेरे पास उस समय ये सब सोचने का समय नहीं था। इसके बाद ऐसे कॉल्स की बाढ़ आने लगी। एक शख्स ने कॉल कर कहा कि आपकी डीपी अच्छी है और हँसने लगा। कुछ लोग मुझसे पूछने लगे कि क्या आप अकेली रहती हैं? कहाँ रहती हैं? क्या आप हमसें बात करेंगी?

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मैं इन सभी कॉल्स से काफ़ी परेशान हो चुकी थी और मैं इन सब नंबर्स को ब्लॉक करने लगी। हालांकि अगली सुबह मेरे लिए और भी भयावह साबित हुई। मैंने देखा कि मुझे सात लोग एक साथ वीडियो कॉल कर रहे थे, मेरे व्हॉट्सएप पर तीन लोग अपने प्राइवेट पार्ट्स की तस्वीर भेज चुके थे। मैं ये देखकर बेहद गुस्से से भर उठी थी। मुझे नहीं पता था कि पब्लिक में नंबर देने पर मुझे इस तरह के हैरेसमेंट से गुज़रना पड़ सकता है।

महिला ने कहा कि इसके बाद मैंने अपने नंबर को हर उस पब्लिक अकाउंट से हटवाया जहाँ पर मेरी निजी जानकारी शेयर की गई थी और मुझे उस समय एहसास हो गया कि महामारी के दौर में भी कुछ लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आते हैं। हमें शर्म आती है ऐसे लोगों पर जो मजबूरी में भी किसी का फ़ायदा उठाने से पीछे नहीं हटते हैं।

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