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जानिए क्या भारत रूस की पहली वैक्सीन ‘स्पूतनिक वी’ खरीदेगा 

 

Anjali Pandey | 13-08-2020

 

भारत रूस की पहली वैक्सीन 'स्पूतनिक वी

Photo google

रूसी वैक्सीन ‘स्पूतनिक वी’ का पहला बैच दो सप्ताह के भीतर आ जाएगा। रूस के स्वास्थ्यमंत्री मिखाइल मुरास्खो का कहना है कि पहले चरण में वैक्सीन स्वास्थ्यकर्मियों और उसके बाद शिक्षकों को लगाई जाएगी। रूस की कंपनी सिस्टेमा ने उत्पादन शुरू कर दिया है। रूस से राष्ट्रपति पुतिन ने दावा किया है कि उनके वैज्ञानिको ने कारगर वैक्सीन तैयार कर ली हैं,गेमोलिया इंस्टीट्यूट में विकसित इस वैक्सीन के बारे में कहा कि उनकी बेटी को भी यह टिका लगा हैं, उन्होंने 12 अगस्त को इसका रजिस्ट्रेशन भी करा लिया हैं, कहा कि सरकार की योजना है कि अक्तूबर में वैक्सीन को पूरे रूस में बड़े पैमाने पर लॉन्च कर दिया जाएगा।

 

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रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार 1 जनवरी 2021 से वैक्सीन का पूर्ण रूप से वितरण शुरू करने की तैयारी है,और यह अन्य देशो को भी उपलब्ध कराएगी,बताया कि ऐप से वैक्सीन की निगरानी की जाएगी,स्वास्थ्यमंत्री के अनुसार ट्रेसिंग ऐप भी तैयार हो रहा है, जो लोगों के स्वास्थ्य पर निगरानी रखेगा।

 

 

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ऐसे में सवाल उठता हैंकि ,क्या भारत भारत इस वैक्सीन पर भरोसा करता हैं, और वह खरीदेगा?…भारत और रूस एक अच्छे दोस्त कहे जाते हैं, इनके बीच काफी अच्छे संबंध हैं, और रूस भी भारत को वैक्सीन बेचना चाहता हैं,भारत ने कहा हैं कि इस वैक्सीन को खरीदने से पहले इसके बारे में पता लगाया जाएगा कि यह कितनी कारगर साबित होती हैं, ट्रायल डेटा भी चेक किया जाएगा,कि कितने पर ट्राई की गयी हैं, और नतीजा क्या मिला हैं, कितने दिनों के लिए कारगर हैं।सारे जांच के बाद निश्चित हो सकता हैं।

 

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कोविड-19 का टीका उपलब्ध कराने के लिये गठित राष्ट्रीय विशेष समूह ने बुधवार को अपनी पहली बैठक की। इसमें टीकाकरण के लिये आबादी के प्राथमिकता वाले समूहों को निर्धारित करने वाले सिद्धांतों के साथ-साथ घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित टीकों की खरीद तंत्र पर भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक के अध्यक्ष नीति आयोग के सदस्य डॉ वी. के. पॉल ने, जबकि सह -अध्यक्षता सचिव (केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय) ने की। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक समूह ने सभी राज्यों को यह सलाह भी दी कि वे टीके की खरीद के लिये अलग-अलग राह नहीं चुनें।

 

 

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स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, ‘‘विशेषज्ञ समूह ने अंतिम गंतव्य स्थान पर विशेष रूप से जोर देने के साथ टीकाकरण प्रक्रिया की निगरानी सहित टीके के प्रबंधन एवं वितरण तंत्र के लिये डिजिटल बुनियादी ढांचा तैयार करने को लेकर प्रणाली बनाने और क्रियान्वित करने पर चर्चा की।’’ मंत्रालय ने कहा, ‘‘समूह ने घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित, कोविड-19 के दोनों तरह के टीकों के लिये खरीद प्रणाली के साथ-साथ टीकाकरण के लिये आबादी के समूहों की प्राथमिकता निर्धारित करने वाले सिद्धांतों पर भी विचार विमर्श किया।’’ विशेषज्ञ समूह ने टीके की खरीद के लिये जरूरी वित्तीय संसाधन और वित्त मुहैया करने के लिये विभिन्न विकल्पों पर भी चर्चा की। टीके के वितरण के लिये उपलब्ध विकल्पों, कोल्ड चेन और टीकाकरण के लिये संबद्ध बुनियादी ढांचा तैयार करने पर भी चर्चा हुई ।

 

 

हालाँकि रूस ने जिस तेज़ी से कोरोना वैक्सीन विकसित करने का दावा किया है, उसको देखते हुए वैज्ञानिक जगत में इसको लेकर चिंताएँ भी जताई जा रही हैं,विश्व स्वास्थ्य संगठन समेत दुनिया के कई देशों के वैज्ञानिक अब खुल कर इस बारे में कह रहे हैं,विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि उसके पास अभी तक रूस के ज़रिए विकसित किए जा रहे कोरोना वैक्सीन के बारे में जानकारी नहीं है, कि किसी भी प्रकार से इसका मूल्यांकन करें।

 


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