The ATI News
News Portal

जानिए विकास दूबे को किसने पकड़वाया, किसे मिलेगा 5 लाख का ईनाम

2

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

जानिए विकास दूबे को किसने पकड़वाया, किसे मिलेगा 5 लाख का ईनाम

 

शुभेन्द्र धर द्विवेदी। 10/07/2020

 

कानपुर पुलिस हत्याकांड:एनकाउंटर के डर से सरेंडर कर सकता है कुख्यात विकाश दुबे
Saurce- अमर उजाला

 

उत्तर प्रदेश का कुख्यात ईनामी अपराधी विकाश दूबे आज उज्जैन में मध्यप्रदेश पुलिस को सरेंडर कर दिया। 8 पुलिस कर्मियों के हत्याकांड और दर्जनों अपराधिक मुकदमे के चलते विकास दूबे उत्तर प्रदेश का मोस्ट वांटेड अपराधी बन चुका था ऐसे में पुलिस उससे चप्पे चप्पे पर तलाश कर रही थी मगर शातिर विकास पुलिस के हाथो से हर बार बच निकलने में कामयाब हो रहा है। हार थक कर उत्तर प्रदेश की पुलिस ने इस शातिर अपराधी को पकड़ने के लिए 5 लाख का ईनाम घोषित कर दिया था ताकि जल्द से जल्द उसे पकड़ा जा सके।

 

 

अब जब विकास दूबे ने खुद सामने आकर पुलिस को सरेंडर कर दिया है तो सबसे बड़ा सवाल ये उठता है कि 5 लाख की ईनाम राशि किसे दी जाएगी। क्या इस ईनाम के सबसे बड़ी दावेदारी महाकाल थाना पुलिस की होगी जिन्होंने महाकाल मंदिर परिसर से विकास को गिरफ्तार किया।या फिर उस सुरक्षाकर्मी की जिसने दावा किया है कि उसने संदिग्ध हालात में विकास को वहां घूमते देखा तो उससे पूछ ताछ कर पुलिस को इसकी सूचना दी। जिसके बाद पुलिस वहां पहुंच कर विकास दूबे को गिरफ्तार करने में कामयाब हो सकी।

 

 

इन सब के अतिरिक्त महाकाल मंदिर के पुजारियों का कहना है कि वे रोज की तरह नियमानुसार मंदिर में पूजा अर्चना कर रहे थे, इस व्यक्ति को देखकर सभी को कुछ शक हुआ। सभी पुजारियों ने सुरक्षाकर्मियों के साथ इस संबंध में चर्चा की और मंदिर परिसर में उसकी संदिग्ध अवस्था देखकर पुलिस को सूचना दी गई और उसे पकड़ लिया गया।

 

 

वहीं इस संदर्भ में जब यूपी पुलिस से बात कि अब इस ईनाम राशि का हकदार कौन होगा तो इस पर यूपी एजीडी (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा है कि इसका आगे परीक्षण कर पड़ताल की जाएगी की किसकी दावेदारी सही पाई जाती है, आगे जो भी कार्यवाही होगी उसकी सूचना दी जाएगी।ऐसे में इन सभी दावेदारियों के बीच देखने वाली बात ये होगी की इस शातिर अपराधी को पकड़ने का श्रेय किसके सर पे जाता है और 5 लाख का ईनाम किसे मिलता है।

 

 

आखिर कैसे हुई भगवान जगन्नाथ की सुप्रीम जीत

Leave A Reply

Your email address will not be published.