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पुलिस की लापरवाही ने ले ली 9 साल के मासूम की जान

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उत्तर प्रदेश। यह दर्दनाक मामला जिला वाराणसी का है जहाँ पुलिस अधिकारियों ने अपनी लापरवाही के कारण एक मासूम की ज़िन्दगी के साथ खिलवाड़ कर दिया। दरअसल‌, जनपद के सारनाथ थाना अंतर्गत पंचक्रोशी पैगंबरपुर ‌निवासी मंजय कुमार शादी‌ समारोह में स्टेज की सजावट का काम करता है। बहुत ‌ही साधारण से परिवार का होने‌ के कारण उसकी आर्थिक स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं है।

उत्तर प्रदेश

बीते शुक्रवार को मंजय ने सारनाथ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई जिसमें उसने बताया कि उसका इकलौता बेटा विशाल जिसकी उम्र लगभग 9 साल है वह सुबह से ही लापता है। मगर पुलिस वालों ने‌ मामले को गंभीरता से न लेते हुए ‌मंजय से कहा कि 24 घंटा बीत जाने के बाद ही वे इस मामले की जाँच करेंगे। मजबूरन ‌मंजय कुमार को पुलिस की बात माननी पड़ी और वह वापस अपने घर लौट गया। फ़िर शनिवार की ‌शाम को मंजय ने बताया कि उसके‌ घर के बाहर कागज का टुकड़ा फेंक कर दो बाइक सवार वहाँ से तेज़ी से गुज़र गए।‌ कागज पर लिखा हुआ था कि अगर 50 हज़ार रुपए लेकर दो घंटे में चौबेपुर नहीं ‌पहुँचे तो तुम्हारे बेटे विशाल को जान से मार दिया जाएगा।

आनन-फ़ानन में मंजय वह कागज का टुकड़ा लेकर पुलिस स्टेशन ‌पहुँचा और उनसे विनती करने लगा कि कृपया करके उसके बच्चे को ढूंढ़ना शुरू करिए, अब उसकी जान ख़तरे में है। साथ ही साथ मंजय भी अपने परिजनों के साथ चौबेपुर पहुँचा लेकिन वहाँ पर किसी की कोई ख़बर नहीं थी। पुलिस ने इतना सब कुछ हो जाने के बावजूद भी मामले को सजगता से नहीं लिया और विशाल के परिजनों को केवल आश्वासन ही देती‌ रही।

तभी सोमवार की सुबह मंजय कुमार के घर से ‌लगभग 500 मीटर की दूरी पर स्थित फूलों के खेत में कुछ बच्चे खेल रहे थे कि तभी अचानक उनमें से एक बच्चे की नज़र विशाल के शव पर पड़ी। उसे ऐसी गंभीर हालत में देखते ही वह दौड़ता हुआ अपनी माँ के पास गया और सारी बात बताई। विशाल को देखकर यह साफ़ तौर पर ज़ाहिर हो रहा था कि किसी ने उसका गला घोंट दिया है। देखते ही देखते वहाँ पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। उस दर्दनाक मंज़र को देखकर वहाँ मौजूद हर व्यक्ति की रूह काँप उठी और सबके मुँह से बस एक ही बात निकल रही थी कि यदि पुलिस ने संजीदगी से अपना काम किया होता तो आज विशाल ज़िंदा होता।

मौके पर पहुँची पुलिस जब शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने लगी तो विशाल के परिवार वालों ने डटकर उनका विरोध किया।‌ उन्होंने कहा कि जब वह अपने बच्चे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाने का हर वक्त चक्कर काट रहे थे‌ तब पुलिस कहाँ थी…? क्या तब उन्हें किसी की ज़िन्दगी का कोई मोल नहीं था…?

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि वारदात से जुड़े सभी बिंदुओं को खंगाला जा रहा है। खुलासे के लिए क्राइम ब्रांच सहित पुलिस की तीन टीमें भी गठित कर दी गई हैं। साथ ही साथ एसएसपी ने सारनाथ थाना प्रभारी और पुरानापुल चौकी प्रभारी को जमकर फ़टकारा और पूछा कि ऐसी लापरवाही क्यों की गई…? एसएसपी ने दोनों को कार्रवाई की चेतावनी दी है। और विशाल के परिजनों को इस बात का भरोसा भी दिलाया है कि जैसे ही आरोपी के ख़िलाफ़ ‌कोई भी सुराक मिलता है तो परिवार वालों को इसकी सूचना तुरंत दी जाएगी और आरोपियों को कड़ी से कड़ी सज़ा भी मिलेगी।

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