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नितिन गडकरी की फिसली जुबान,बोले मुझे खुशी है कि ऑक्सीजन की कमी से लोगो को जान गवानी पड़ी

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प्रयागराज। उत्तर प्रदेश सरकार कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए तैयारियों में जुटी हुई है। इसके तहत पूरे प्रदेश में अस्पतालों में ऑक्सिजन और वेंटिलेटर के बेडों की संख्या बढ़ाई जा रही है तो वहीं NICU में बेड भी बढ़ाए जा रहे हैं।

सरकार पूरे प्रदेश में नए ऑक्सिजन प्लांट स्थापित कर रही है, इसीलिए नैनी के सरस्वती हाईटेक सिटी में बुधवार को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने एक ऑक्सिजन प्लांट का वर्चुअली शिलान्यास किया। वर्चुअल उद्घाटन के दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की जुबान वो बोल गई जो उन्हें नही बोलना चाहिए था।

बोलना था क्या और बोल गए कुछ

प्रयागराज सरस्वती हाईटेक सिटी में प्राभव्य इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड की ओर से 15 करोड़ 76 लाख रुपये की लागत से ऑक्सिजन प्लांट लगाया जा रहा है। इस प्लान्ट के शिलान्यास के 90 दिन के भीतर ऑक्सिजन उत्पादन का शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

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इसी ऑक्सीजन प्लांट के वर्चुअल उद्घाटन के दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की जुबान फिसल गई। पहले उन्होंने सभी का स्वागत किया, उसके बाद बोले कि मुझे खुशी है कि देश में अनेक लोगों को ऑक्सिजन की कमी से जान गंवानी पड़ी।

उसके बाद केंद्रीय मंत्री ने भाषण को जारी रखा। नितिन गडकरी को यह नहीं समझ में आया कि मैं क्या बोल गया, लेकिन विपक्षियों ने उनकी जुबान को कैच कर लिया।

कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने साधा निशाना

प्रयागराज में वर्चुअल उद्घाटन के दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की जुबान जैसे ही फिसली वैसे ही आम आदमी पार्टी ने और कांग्रेस पार्टी ने इनकी जुबान को पकड़ लिया। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता अब्बास हैदर ने कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी उस सरकार का हिस्सा हैं, जो लाखों लोगों की जान बचाने में असफल रही।

शायद वह दुख की जगह खुशी इस शब्द का गलती से इस्तेमाल कर गए, लेकिन अपनी गलती सुधारने का सबसे उपयुक्त रास्ता यह है कि वह अपनी ही सरकार की नाकामियों को छुपाने के बजाय जनता को बताएं।

प्रयागराज आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष अल्ताफ आलम ने कहा कि सच्चाई केंद्रीय मंत्री के जुबान पर आ गई और इनको अपनी गलती का एहसास है, इसलिए अपने दर्द को छुपा नहीं पाए। सार्वजनिक तौर पर ऐसा नहीं बोलना चाहिए। केंद्रीय मंत्री दुख और सुख में अंतर नहीं समझ पाए।

 

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