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नहीं रहें रामायण के ” सुग्रीव और बाली “

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नहीं रहें रामायण के ” सुग्रीव और बाली “

 

“रामायण” भारत के बहुचर्चित रामानन्द सागर द्वारा निर्मित एक धारावाहिक है , जिसको हिंदू धार्मिक ग्रंथ रामचरित मानस से प्रेरित होकर बनाया गया है , इस धारावाहिक के सभी चरित्रों ने इतना अच्छा अभिनय किया था कि सभी लोग इनके अभिनय से मंत्रमुग्ध हो ग़ए थे ।

 

नहीं रहें रामायण के " सुग्रीव और बाली "
Pic Source Google

कोरोना महामारी से बचाव के लिए लाॅकडाउन चल रहा है भारत में , जिसमें दर्शकों के माँग पर यह धारावाहिक फिर से दूरदर्शन द्वारा प्रस्तुत किया जा रहा है , एक बार पुनः धारावाहिक देखने के बाद पुराने सारे संस्मरण जागृत हो गए थे ।

नहीं रहें एक बेहतरीन कलाकार

रामायण धारावाहिक के एक चर्चित रोल जो कि सुग्रीव और बाली का था उसे श्याम सुंदर कलानी जी ने निभाया था , 9 अप्रैल की रात 12 बजे के बाद जिनका देहांत हो गया , जिसके सुनने मात्र से ही पूरा रामायण के परिवार में शोकाकुल मच गया । सिंधी , जबलपुर , मध्य प्रदेश के जन्में श्याम सुंदर जी हीर रांझा समेत क़ई फिल्मों में भी अभिनय कर चुके थे , काफी लम्बे समय से कैंसर से पीडि़त चल रहे थे । ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें ।

राम और लक्ष्मण ने ट्वीट कर दिवंगत् आत्मा के लिए प्रार्थना किया।

रामायण के मुख्य अभिनेता यानि राम और लक्ष्मण के रोल निभाने वाले अरुण गोविल जी और सुनील लहरी जी ने ट्वीट करते हुए कहा कि “- धारावाहिक रामायण में सुग्रीव का किरदार निभाकर उस चरित्र को अमर करके, इस लोक में अक्षय यश कीर्ति कमा कर,मेरे साथी श्याम सुंदर के देहावसान पर उस महान व्यक्तित्व और दिवंगत आत्मा को शत-शत नमन और भावपूर्ण श्रद्धांजलि। :- अरूण गोविल

आईए जानें श्याम सुंदर जी से जुडी़ कुछ अविष्मरणीय बातें

जब एक दिन हनुमान जी को युद्ध के लिए ललकार दिए थे सुग्रीव

आपको बता दें कि रामायण में सुग्रीव का किरदार निभाने वाले श्याम सुंदर कालानी भी पहलवान थे और उन्होंने भी अपनी बॉडी वेटलिफ्टिंग से ही बनायी थी. वे हमेशा दारा सिंह को चिढ़ाते रहते थे कि कभी मुझसे लड़ के दिखाओ,पंजा लड़ाओ, कुश्ती करो. मेरी बॉडी देखो कितनी ताकत है मुझमें. और दारा सिंह केवल हंस कर रह जाते थे. उन्होंने कभी किसी से ऊंची आवाज में बात नहीं की थी.

उनकी आवाज बुलंद थी, इसके बावजूद वे कभी जोर से नहीं बोलते थे. न ही उन्हें किसी को नीचा दिखाना पसंद था. श्याम सुंदर कालानी को मालूम ही नहीं था कि वह एक वर्ल्ड चैंपियन को ललकार रहे हैं. एक दिन उन्होंने कहा कि आज कुश्ती हो ही जाये. दारा सिंह भी उस दिन मूड में आ गये. शुरुआत हुई. दारा सिंह के एक ही मुक्के में वह चित हो कर ऐसे गिरे कि लगभग चार दिन तक बिस्तर पर ही रहे. उस दिन से उन्होंने दारा सिंह जी को चिढ़ना ना छोड़ दिया…

आज सभी भारतीय व ATI FAMILY उनके आत्मा के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रहें है , आज अभिनव परिवार ने एक अच्छा हिरा खो दिया।।

RANA SINGH

(PUBLISHER) THEATINEWS.COM

 

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