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अब ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा सुभाष चंद्र बोस की जयंती

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केंद्र की मोदी सरकार ने नेताजी के जन्मदिन को पराक्रम दिवस के तौर पर मनाने का फैसला किया है।इसके लिए बकायदा मंगलवार (19 जनवरी) भारत सरकार ने गजट जारी किया।गजट में कहा गया है कि महान स्वतंत्रता सेनानी और आजाद हिंद फौज के संस्थापक नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्मदिन अब पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जाएगा।  अब देशभर में हर साल 23 जनवरी को नेताजी के जन्मदिन को पराक्रम दिवस के तौर पर मनाया जाएगा।

आपको बता दें कि, इस साल 23 जनवरी को नेताजी की 125वीं जयंती मनाई जानी है। अधिसूचना में कहा गया है ‘नेताजी की अदम्य भावना और राष्ट्र के प्रति उनकी निस्वार्थ सेवा और सम्मान को याद रखने के लिए भारत सरकार ने देशवासियों, विशेष रूप से युवाओं को प्रेरित करने के लिए 23 जनवरी को नेताजी के जन्मदिवस को हर साल पराक्रम दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया है. नेताजी ने विषम परिस्थितियों का सामना करते हुए देशवासियों में देशभक्ति की भावना जगाई।’

सूत्रों की माने तो पीएम मोदी 23 जनवरी को पश्चिम बंगाल का दौरा कर सकते हैं। वह कोलकाता के विक्टोरियल मेमोरियल में होने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जयंती समारोह में हिस्सा ले सकते।

केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने नेताजी की 125वीं जयंती के आयोजन को लेकर एक अधिसूचना जारी किया थी। इस आयोजन के लिए एक कमिटी गठित की गई है। जिसमें नेताओं के अलावा लेखक, इतिहासकार और आजाद हिंद फौज से जुड़े प्रतिष्ठित लोगों को भी शामिल किया गया है। इनमें प्रमुख नाम हैं- नेताजी सुभाषचंद्र बोस आइएनए ट्रस्ट के अध्यक्ष बिग्रेडियर आरएस चिकारा, इतिहासकार व लेखिका पूर्बी रॉय, भारतीय किक्रेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली, संगीतकार एआर रहमान, अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती, अभिनेत्री काजोल आदि शामिल है।

गौरतलब है कि, राजनितिक विशेषज्ञ मोदी सरकार के इस घोषणा की टाइमिंग को बंगाल इलेक्शन से जोड़कर देख रहे हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकी सरकार ने यह फैसला ऐसे समय पर लिया है, जब कुछ ही समय बाद पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने हैं।

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