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आज ही के दिन दौडी़ थी रेलगाडी़

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आज ही के दिन दौडी़ थी रेलगाडी़

Saumya Tiwari

आज ही के दिन दौडी़ थी रेलगाडी़
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भारतीय रेल  एशिया का दूसरा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क तथा अकेला गवर्मेंट प्रॉपर्टी वाला विश्व का चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है। भारतीय रेल 160 वर्षों से भी अधिक समय से भारत के परिवहन क्षेत्र को सेवा दे रहा है। यह न केवल देश की मूल संरचनात्‍मक आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, अपितु बिखरे हुए क्षेत्रों को एक साथ जोड़ने में और देश राष्‍ट्रीय अखंडता का भी संवर्धन करता है। राष्‍ट्रीय आपात स्थिति के दौरान आपदाग्रस्त क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने में भारतीय रेलवे हमेशा आगे रहा है।

रेलगाड़ी, देश का एक वो साधन है जो एक गरीब से लेकर अमीर तक उपयोग करता है, लेकिन क्या आप सब को पता है देश में पहली रेलगाड़ी कब चली थी?

आज ही के दिन दौडी़ थी रेलगाडी़
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तारीख 16 अप्रैल और साल 1853 घड़ी में 3 बजकर 35 मिनट हो रहे थे भारत में पहली रेलगाड़ी चलने के लिए तैयार थी जिसका निर्माण 1845 में कलकत्ता में बनी ग्रेट इंडियन पेनिमसुला रेल कंपनी ने 1850 में चलकर मुंबई और ठाणे के बीच रेल लाइन बिछाया, जिसपर भारत की पहली रेल सफ़र करती। बोरीबंदर यानी आज का छत्रपति शिवाजी टर्मिनल से 20 डिब्बों वाला रेल 400 यात्री को लेकर 35 किलोमीटर का सफर करते हुए ठाणे पहुंचा था। #रेलगाडी़

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इस रेलगाड़ी को चलाने के लिए ब्रिटेन से तीन भाप इंजन सुल्तान, सिंधु और सादिब को मंगाया गया था, जो 20 डिब्बों वाले इस ट्रेन को लेकर 4 बजकर 45 मिनट में ठाणे पहुंचा था। इस तरह भारत में पहली ट्रेन चलने की शुरआत हुई और आज यह देश की आर्थिक, सामाजिक हर तरह से उपयोग होने वाला साधन बन चुका है।

आगे चलकर देश के औद्योगिक और कृषि क्षेत्र की त्‍वरित प्रगति ने रेल परिवहन की उच्‍च स्‍तरीय मांग का सृजन किया है, विशेषकर मुख्‍य क्षेत्रो में जैसे कोयला, लौह और इस्‍पात अयस्‍क, पेट्रोलियम उत्‍पाद और अनिवार्य वस्‍तुएं जैसे खाद्यान्‍न, उर्वरक, सीमेंट, चीनी, नमक, खाद्य तेल आदि। धीरे धीरे भारतीय रेल में रेल प्रौद्योगिकी की प्रगति को बढ़ाने के लिए अनेकानेक प्रयास किए हैं और बहुत से रेल उपकरणों जैसे रोलिंग स्‍टॉक के उत्‍पादन में आत्‍मनिर्भर हो गया है। यह ईंधन किफायती नई डिज़ाइन के उच्‍च हॉर्स पावर वाले इंजन, उच्‍च गति के कोच और माल यातायात के लिए आधुनिक बोगियों को कार्य में लगाने की प्रक्रिया कर रहा है।

 

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अब रेल नेटवर्क को आधुनिक बनाने, सुदृढ़ करने और इसका विस्‍तार करने के लिए भारत सरकार निजी पूंजी तथा रेल के विभिन्‍न वर्गों में, जैसे पत्‍तन में- पत्‍तन संपर्क के लिए परियोजनाएं, गेज परिवर्तन, दूरस्‍थ/पिछड़े क्षेत्रों को जोड़ने, नई लाइन बिछाने, सुंदरबन परिवहन आदि के लिए राज्‍य निधियन को आ‍कर्षित करना चाहती है। इसके अतिरिक्‍त सरकार ने दिल्‍ली, मुंबई, चैन्नई, बैंगलूर, हैदराबाद और कोलकाता मेट्रोपोलिटन शहरों में रेल आधारित मास रेपिड ट्रांजिट प्रणाली शुरू की है।

 

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परियोजना का लक्ष्‍य, शहरों के यात्रियों के लिए विश्‍वसनीय सुरक्षित एवं प्रदूषण रहित यात्रा मुहैया कराना है। यह परिवहन का सबसे तेज साधन सुनिश्चित करती है, समय की बचत करती एवं दुर्घटना कम करती है। इस परियोजना ने उल्‍लेखनीय प्रगति की है। अब दिल्ली, लखनऊ, बैंगलोर, कोलकाता, मुंबई जैसे दस शहरों में रेल परियोजना का कार्य निष्‍पादन स्‍मरणीय है।

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