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इस शख्स ने ली थी 20 डिग्रियां , इनके इस कारनामे को जानकर हो जाएंगे हैरान

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इस शख्स ने ली थी 20 डिग्रियां , इनके इस कारनामे को जानकर हो जाएंगे हैरान

 

अंजलि पांडेय  | 31-05-2020

 

 

इस शख्स ने ली थी 20 डिग्रियां
Photo Google

क्या आपने कभी जाना हैं?..हमारे भारत देश के उस शख्स के बारे में जिन्होंने 2 या 3 नहीं पूरी 20 डिग्रियां हाशिल की,उन्हें भारत में सबसे पढ़े लिखे व्यक्ति का दर्जा मिला हैं यह जानकर आप आश्चर्यचकित होंगे,कि इतनी ही डिग्रियों के कारण उनका नाम ‘मोस्ट क्वालिफाइड इंडियन’ के नाम पर बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज किया गया।

 

 

आइये जाने उस शख्स के बारे में

 

भारत के सबसे शिक्षित व्यक्ति श्रीकांत जिचकर हैं, उनकी प्रतिभा का कोई अंदाज़ा लगाना कठिन हैं,श्री कांत का जन्म 14 सितंबर ,1954 में महाराष्ट्र के नागपुर में हुआ था,ऐसा कहा गया है कि उन्होंने 42 यूनिवर्सिटीयो से पढ़ाई कर 20 डिग्रियां हासिल किया,और सारी डिग्रियां फर्स्ट क्लास हुआ करती थी,वह गोल्ड मेडलिस्ट भी हो चुके हैं।

 

कौन-कौन सी हासिल की डिग्रीयां

*श्री कांत जिचकर ने अपने करियर की शुरुआत मेडिकल लाइन में शुरू की,और उसके लिए उन्होंने MBBS,MD की डिग्री पाया।

*फिर उन्होंने LL.B,पोस्ट ग्रेजुएशन इन इंटरनेशनल लॉ LL.M. की डिग्री ली

*उन्होंने MBA,DBM की डिग्री भी ली।

*पत्रकारिता के दिशा में भी आना चाहा इसलिए B.journlism की डिग्री ली।

*फिर उन्होंने 10 विषयो की डिग्री M.A से ली, Public Administration, Sociology,Economics, Sanskrit,History, English Literature, philosophy, Political Science, Ancient Indian History, Culture and Archaeology,Psychology की डिग्री हासिल की।

*उन्होंने डॉक्टर्स ऑफ लेटर्स की भी डिग्री प्राप्त की।

*श्री कांत 1978 में आईपीएस और 1980 में आईएएस के लिए भी चयनित किये गए।

राजनीतिक के भी सफर में उनका करियर काफी अच्छा रहा,और वह सबसे कम उम्र 25 वर्ष में ही विधान सभा चुनाव जीतकर विधायक बने,उन्हें मंत्री भी बनाया गया,आगे गवर्नमेंट मिनिस्टर बन 14 से अधिक विभागों के काम देखते थे।

यहाँ भी दिखायी अपनी रुचि

श्री कांत जिचकर को पेंटिंग,प्रोफेशनल फोटोग्राफी, और एक्टिंग की भी काफी रुचि थी,साथ ही ट्रेवल का भी शौक रखते थे,भारत के अन्य हिस्सो में घूमते भी थे,उनके पास 50 हजार से भी अधिक किताबो की अपनी लाईब्रेरी भी थी,उन्हें सारे वेदों का भी अच्छा ज्ञान था।

श्री कांत जिचकर की मृत्यु 2 जून 2004 को महज 50 साल की उम्र में एक एक्सीडेंट से हो गयी,हमें गर्व हैं कि इतने शिक्षित व्यक्ति भारत में ही रहकर शिक्षा ग्रहण कर अपनी पहचान बनायी।

 

 

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