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राम मंदिर शिलान्यास का ऐतिहासिक 5 अगस्त से क्या कनेक्शन! क्यों चुनी गई ये तारीख?

 

राधा सिंह। 20/07/2020

 

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अयोध्या में भव्य और दिव्य श्री राम मंदिर निर्माण की तारीख तय हो गई है। देश के पीएम 5 अगस्त को अयोध्या में भगवान श्री राम के 100 एकड़ में बनने वाले विशाल गगनचुंबी राम मंदिर का शिलान्यास करेंगे। कोरोना काल की वजह से ये तारीख आगे आगे ही बढ़ती जा रही थी लेकिन आखिरकार ट्रस्ट ने दो तारीखें चुनीं, जिसमें 3 और 5 अगस्त थीं। लेकिन प्रधानमंत्री ने 5 अगस्त की तारीख सुनिश्चित कर दी। 5 अगस्त वो तारीख है जो भारतीय इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में पहले से दर्ज है।

 

 

लेकिन अब राम मंदिर के शिलान्यास के साथ ही एक और बार ये 5 अगस्त इतिहास में अमर हो जाएगा। याद कीजिए साल था 2019 और तारीख अगस्त की 5 इसी दिन देश की सबसे बड़ी पंचायत में गृहमंत्री अमित शाह ने देश की सबसे विवादास्पद आर्टिकल 370 को खत्म कर इतिहास रच दिया था।

 

 

कहा गया था कि जो इस आर्टिकल को छेड़ेगा उसके हाथ जल जाएंगे। खून की नदिया बहेंगी, जम्मू कश्मीर के नेता धमकी देते थे। अलगांववादी चेतावनी देते थे। लेकिन इसी तारीख को भारतीय संविधान पर लगा वो काला धब्बा भी हटा दिया गया, जो देश की एकता और अखंडता में बाधक था। 5 अगस्त के बाद से देश एक विधान एक निशान वाली थ्योरी पर चल पड़ा और कश्मीर के दिन भी फिरने लगे। फिर वही 5 अगस्त है, साल है 2020 और फिर एक इतिहास का विवादित बनाया गया मुद्दा। इसी दिन राम मंदिर के शिलान्यास के साथ मंदिर निर्माण के प्रक्रिया का आरंभ होगा। पांच अगस्त को राम भक्तों का 500 वर्षों का इंतजार खत्म हो जाएगा।

 

 

उन संतों का स्वप्न पूरा होगा, जो बरसों से टेंट में भगवान राम को देखते हुए इस आंदोलन से जुड़े थे। भव्य मंदिर निर्माण के लिए 5 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या में चांदी की ईट से नींव रखेंगे, जिसका वजन लगभग 40 किलो बताया जा रहा है। भारत के जिस आराध्य दैवत श्री राम के नाम पर लंबी लड़ाई लड़ी गई, उसमें विजय के बाद ये तारीख ऐतिसाहिक हो जाएगी। वैसे बीजेपी के लिए ये दोनों मुद्दे उसके घोषणापत्र के कोर मुद्दे थे। पार्टी के कोर एजेंडा में ये शामिल थे और पार्टी ने मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में इन दोनों विवादित मुद्दों को शांति पूर्ण और कानूनी तरीके हल कर देश के सामने एक नजीर पेश की है।

 

 

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अब इस 5 तारीख को लेकर सोशल मीडिया पर तमाम तरह के मीम्स बनने भी शुरू हो गए हैं। कुछ लोग इसे बर्नाल दिवस के तौर पर घोषित करने की मांग कर रहे हैं। तो कुछ कह रहे हैं 5 अगस्त अंधभक्तों का मर्दन दिवस होगा। 5 अगस्त को सब अपने अपने तरीके से परिभाषित कर रहे हैं, लेकिन बीजेपी और मोदी सरकार के लिए ये विजय दिवस है। जिस दिन को पार्टी ने उन दो बड़े मुद्दों से जोड़ दिया, जो पार्टी के कोर एजेंडा में शामिल रहे हैं।

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