The ATI News
News Portal

क्या डेडलाइन से पहले तैयार होगा मेडिकल कॉलेज?

0

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

जौनपुर। मेडिकल कॉलेज पर धीमी गति से हो रहे कार्य के कारण हटाए गए टाटा प्रोजेक्ट्स को फिर से मेडिकल कॉलेज बनाने का जिम्मा मिल गया है। टाटा प्रोजेक्ट पर लगा 30 करोड़ रुपये का जुर्माना भी खत्म हो गया है।

आपको बता दे कि अब मेडिकल कॉलेज को चालू करने के लिए सितंबर 2022 की नई डेडलाइन तय की गई है। शासन से अनुमति मिलने के बाद कंपनी ने तेज़ी से काम शुरू कर दिया है और मजदूरों की संख्या बढ़ाई जा रही है।

उम्रकैद के डर से युवक ‌ने जहर खाकर ‌दे दी जान, परिजनों का रो-रोकर हुआ बुरा हाल

सपा सरकार ने सितंबर 2014 को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सिद्दीकपुर में बंद पड़ी कताई मिल परिसर में राजकीय मेडिकल कॉलेज की नींव रखी थी। यह मेडिकल कॉलेज पांच सौ बेड वाला अस्पताल के निर्माण के लिए 554 करोड़ रुपये का बजट पास किया था। यह मेडिकल कॉलेज जून 2018 में ही बनकर तैयार होना था।

शुरुआत में काम तेजी से हुआ, मगर धीरे-धीरे इसकी रफ्तार धीमी होती गई। लेकिन यह मेडिकल कॉलेज हमेसा विवादों से घिरा रहा अब तक लगभग 45 फीसदी ही काम हो सका है। इस बीच महँगाई के कारण इस मेडिकल कॉलेज का बजट भी बढ़कर 597 करोड़ हो गया है। बजट मजबूत होने के बाद भी काम की गति तेज़ न होने पर राजकीय निर्माण निगम ने पिछले दिनों टाटा प्रोजेक्ट्स का टेंडर रद्द कर दिया था।

बेटा पाने की लालच में युवक ने बर्बाद कर दी तीन औरतों की ज़िन्दगी, तीसरी पत्नी को जान से मारने पर हुआ उतारू

टाटा प्रोजेक्ट शर्तों का पालन न करने के कारण उस पर 30 करोड़ का जुर्माना भी लगाया गया था। लेकिन नए टेंडर की बजाय अब फिर से टाटा प्रोजेक्ट्स को ही अधूरा मेडिकल कॉलेज पूरा कराने का जिम्मा सौंपा गया है। उस पर लगाया गया जुर्माना तो माफ कर दिया गया और इसे बनाने के लिए टाटा प्रोजेक्ट को और समय दिया गया है। हालहि में प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत किये गए बजट में जौनपुर के मेडिकल कॉलेज का कोई जिक्र न होने से लोग उदास हैं।

क्या ठाकुर तिलकधारी सिंह के नाम पर होना चाहिए इस मार्ग का नाम

और साथ ही साथ मेडिकल कॉलेज के नाम बदलने को भी लेकर विवाद में बना रहता है
निर्माण के वक्त इसे राजकीय मेडिकल कॉलेज का ही नाम दिया गया था। बाद में शहीद उमानाथ सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज के रुप में स्थापित करने की घोषणा हुई। गत वर्ष सरकार ने इसे स्वशासी मेडिकल कॉलेज के रूप में बनाने का आदेश किया।

टाटा प्रोजेक्ट कंपनी को सितंबर 2022 तक निर्माण पूरी करने की मोहलत दी गई है। साथ ही साथ कोशिश रहेगी कि मजदूरों की संख्या बढ़ाकर इस बार जौनपुर वासियों को आशा ही नही उम्मीद है कि तय समय से पहले मेडिकल कॉलेज बनकर तैयार हो जायेगा।

Leave A Reply

Your email address will not be published.